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SOFTWARE kya hota hai in hindi full detailed

दोस्तों आपको तो पता ही होगा की हमारी दुनिया हर जगह से इंटरनेट और कंप्यूटर से गिरी हुई है अगर हमे अपना आज के टाइम में की भी  काम करना है तो हमे  इंटरनेट सहायता लेनी पड़ती है और अगर आपकी रूचि कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी में है तो आज का ये ब्लॉगपोस्ट बहुत ही  ज्यादा मजेदार होने वाला है 

दोस्तों आज के इस ब्लॉगपोस्ट में हम पड़ेंगे की सॉफ्टवेयर होता क्या है इसकी क्या जरूरत  होती हैं और हम इसे कैसे इस्तमाल करते है।  सॉफ्टवेयर से सबंधित जानकारी को आज में  अपनी इस पोस्ट में शेयर करूँगा।  

सॉफ्टवेयर क्या होता है ?



सबसे पहले हमारा एक ही  प्रशन होता है  सॉफ्टवेयर होता क्या है इसको कैसे इस्तमाल करते है 

तो सॉफ्टवेयर दोस्तों एक भौतिक वास्तु होती है  जिसको सिर्फ आभास किया जा  सकता है  इसे हम अपनी नंगी आँखों से   नहीं देख  सकते है  इसको समजा जा सकता है इसके बिना कंप्यूटर  एक  टिन के डब्बे के सामान है  सॉफ्टवेयर  कंप्यूटर का बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण  हिस्सा  होता  है जो कंप्यूटर को कार्य करने के निर्देश देता है और इसके सहायता के कारन ही कंप्यूटर अपने कार्य कर   पाता है। इसके बिना मार्केट्स में कम्प्यूटर्स की कोई भी वैल्यू नहीं होती है  इसका  उदाहरण जैसे: CHROME  इत्यादि।  

उदाहरण के तौर  पर दोस्तों  आप कंप्यूटर पर कोई भी ऑनलाइन काम करते है तो वो सब काम किसी न किसी सॉफ्टवेयर की शाहयता से ही संभव हो पाता है  दोस्तों आगर ये सॉफ्टवेयर नामक वास्तु हमारे जीवन का हिस्सा नहीं होती  तो आप खुद  ही सोचिये क्या हम ऑनलाइन कुछ भी काम  कर पाते / तो इसका जवाब होगा नहीं /
सॉफ्टवेयर हमारे निजी कार्यो के  साथ  साथ हमारे बहुत से महत्वपूर्ण कार्यो को भी सफल बनाता है 

 सॉफ्टवेयर के बिना हम  कंप्यूटर के जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते है इसके बिना कंप्यूटर जीवन बिलकुल व्यर्थ है इसी के सहारे कंप्यूटर जन्दगी की कल्पना की जा  सकती है  दोस्तों आप कंप्यूटर के  जिन पार्ट्स को देख पाते हो वो सब  हार्डवेयर कहलाते है जैसे:- mouse , CPU इत्यादि 

 सॉफ्टवेयर के बिना   कंप्यूटर के किसी भी कार्य  को कर पाना बिलकुल असंभव है सॉफ्टवेयर को कुछ कंप्यूटर की  प्रोगरामिंग   language से मिलकर बनाया गया है दोस्तों आपको ये तो पता ही होगा की कंप्यूटर मशीनी भाषा को ही  समझता है इस लिए  प्रोग्राम्स को इस तरह से लिखा जाता है की उन्हें सॉफ्टवेयर  में कन्वर्ट किया जा  सके।   और कंप्यूटर में इसे आसानी से  चलाया जा सके।  

सॉफ्टवेयर के प्रकार :- 



दोस्तों  सॉफ्टवेयर के प्रकार कुछ इस प्रकार है : 


Application software :

सबसे पहले आता  है एप्लीकेशन  सॉफ्टवेयर।   इस तरह के सॉफ्टवेयर  को दोस्तों किसी महत्ववपूर्ण कार्यो को करने के लिए बनाया जाता है फिर चाहे वो किसी व्यापर से सम्बंदित हो ये फिर चाहे किसी आम कार्य से।   ये सॉफ्टवेयर  किसी महत्वपूर्ण  टास्क को  पूर्ण करता है  लगभग सभी व्यक्ति अपने  दिन के routine में इसका उपयोग करते है  किसी किसी का तो दिन ही  इनकी मदद से शुरू होता है  दोस्तों इन सॉफ्टवेयर का इस्तमाल भी   बहुत  ही ज्यादा  आसान होता है इसी  लिए इनको ज्यादा इस्तमाल में लाया जाता है 

  इस सॉफ्टवेयर के भी दोस्तों 2 भाग है।  

   Basic : 

                     इन सॉफ्टवेयर का उपयोग किसी सामान्य कार्य को पूरा करने में किये जाता है इनका  इस्तमाल भी बाकी सॉफ्टवेयर के मुक़ाबकले बहुत ही ज्यादा सरल माना जाता है  एक बार इन्सटाल करने के बाद आप इन सॉफ्टवेयर की सेवाओं का आनद उठा सकते है आपको बस अपने डिवाइस में इनको इंस्टाल  करने की जरूरत पड़ती है इस तरह की श्रेणी में  वर्ड प्रोसेसर और डटबसे तरह के सॉफ्टवेयर आते है और इनका उपयोग व्यवसाय में भी बड़ी मात्रा में किया जाता है 

  Specialized:

                                 जैसा की नाम से ही पता चल रहा है दोस्तों इनका उपयोग  किसी महत्वपूर्ण  कार्य को करने के लिया किया जता है जो बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण हो।  इस तरह के सॉफ्टवेयर बहुत ही ज्यादा लोकप्रिय सिद्ध होते है और बहुत ही  कम समय में ज्यादा लोगो तक  फेल जाते है।  इस  तरह के सॉफ्टवेयर को लोगो की मदद के लिए बनाया जाता है जिस से बहुत ही  कम समय में वो ज्यादा लोगो तक पहुंच सके। 


System Software:-

                                                                  इस तरह के  सॉफ्टवेयर को दोस्तों कंप्यूटर के अन्य प्रोग्राम  का   संचालन करने  के लिए बनाया जाता है  इस तरह के सॉफ्टवेयर  मेमोरी से लेकर  cpu तक संचालन  करने में सक्षम रहते है दोस्तों ये सॉफ्टवेयर बैकग्राउंड में कार्य करते है इनका कार्य कंप्यूटर में सभी प्रोग्राम्स ठीक से कार्य  कर रहे है या नहीं इनको देखना होता है इनके साथ मिलकर सभी कार्य को सम्पूर्ण करना इनका कार्य होता है  

  इन  सॉफ्टवेयर के कुछ भाग निम्नलिखित हैं 


OPERATING SYSTEM:


 यह एक ऐसा प्रोग्राम होता है  सभी कंप्यूटर को अन्य सॉफ्टवेयर को चलाने की अनुमति प्रदान करता है  इसको हम कंप्यूटर और OS[ ऑपरेटिंग सिस्टम ]   USER  के बिच  में   रहता है और इन्हे बताता है की कार्य को किस प्रकार  से करना है  ऑपरेटिंग सॉफ्टवेयर को शार्ट फॉर्म  में OS भी कहा  जाता है।  यह कंप्यूटर को बताता है की यूजर  किस प्रकार की सेवा लेना चाहता है   
                                                                    जैसे : ANDROIED, LINUX, APPLE ETC.  




DEVICE DRIVER: 

                                                             दोस्तों यह  भी एक तरह से सॉफ्टवेयर है जो आपके कंप्यूटर  को किसी भी हार्डवेयर के साथ  सचांलन करने की अनुमति देता है इस सॉफ्टवेयर के बिना आप किसी भी हार्डवेयर को कंप्यूटर  के साथ कनेक्ट नहीं कर सकते है इसके बीए आपका कोई भी हार्डवेयर ठीक से काम  नहीं करेगा।  



क्या सीखा ?

 दोस्तों में उम्मीद करता हु की आपको हमारी आज की पोस्ट पसंद आई  होगी।  हमने पूरी कोसिस की है की आपको इसके जरिये  सॉफ्टवेयर के बारे में पूरी जानकारी दे जाए।  आप अपने IMPORTANT COMMENT करना न भूले और  अगर आपको हमारी गलतिया  कही भी नज़र आती है तो आप हमे जरूर बताये ताकि  हम अपनी आने वाली  पोस्ट में वो गलतिया दोबारा न करे।  

आज की पोस्ट में अपने सीखा की सॉफ्टवेयर होते क्या है और  कैसे  काम  करते है इनको कैसे बनाया  जाता है क्यों बनाया जाता है सबसे पहले कोनसा सॉफ्टवेयर  बनाया गया था।  तो दोस्तों आप इस पोस्ट को  अपने दोस्तों के सात भी शेयर कर सकते है 

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